

यह लोग सिर्फ निजी स्वार्थ के कारण ऋषि केश में गंगा में अस्थि विसर्जन करने को लेकर विरोध कर रहे जो शास्त्रोचित्त नही है ।


यह ब्लाग समर्पित है मां गंगा को , इस देवतुल्य नदी को, जो न सिर्फ मेरी मां है बल्कि एक आस्था है, एक जीवन है, नदियां जीवित है तो हमारी संस्कृति भी जीवित है.
पिछली पोस्ट में मैने ऋषिकेश के वीरभ्रद्र क्षेत्र का इतिहास बताया था पर इस पोस्ट में यह बता दू कि क्यो इस क्षेत्र को वीरभद्र के नाम से जाना ...
3 comments:
Beautiful aalekh .madam. badhayi
सवाल अर्थ शाश्त्र से जुड़ा है .यह तर्क का नहीं वैयक्तिक आस्था का प्रश्न है .गोमुख से गंगा सागर तक गंगा एक ही है .
Really very nice ..... aap to genius ho
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